छत्तीसगढ़ की “लखपति दीदी” खिलेश्वरी देवांगन बनेंगी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह की विशेष अतिथि
बालोद (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की खिलेश्वरी देवांगन, जिन्हें अब सब "लखपति दीदी" के नाम से जानते हैं, इस साल दिल्ली में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनकी यह उपलब्धि मेहनत, लगन और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करती है।
कृषि मजदूरी से “लखपति दीदी” बनने तक का सफर
गुंडरदेही ब्लॉक के छोटे से गांव गब्दी की निवासी खिलेश्वरी देवांगन का परिवार कुछ साल पहले तक मुख्य रूप से कृषि मजदूरी पर निर्भर था। लेकिन परिस्थितियों को बदलने की उनकी इच्छा और मेहनत ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई।
दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्होंने जय संतोषी स्व-सहायता समूह का गठन किया। इसके साथ ही उन्हें वित्तीय साक्षरता सामुदायिक स्रोत व्यक्ति (FLC-RP) के रूप में चुना गया, जिसके तहत वे ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षरता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती हैं।
2 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक ऋण दिलाने में सहयोग
खिलेश्वरी ने अपने गांव और आस-पास की कई महिलाओं को बैंक से जोड़ते हुए 2 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आर्थिक सहयोग से महिलाओं ने छोटे-छोटे व्यवसाय, पशुपालन, खेती और अन्य स्वरोजगार शुरू किए, जिससे उनकी आय में कई गुना वृद्धि हुई।
प्रधानमंत्री की “लखपति दीदी” पहल से मिली प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “लखपति दीदी” पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। राज्य सरकार भी इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं, कौशल विकास प्रशिक्षण और कृषि से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। खिलेश्वरी देवांगन इस पहल का जीवंत उदाहरण हैं, जिन्होंने अपने प्रयासों से न सिर्फ खुद को, बल्कि कई अन्य परिवारों को भी आर्थिक मजबूती दी।
राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
खिलेश्वरी का दिल्ली के लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि संकल्प और मेहनत से किसी भी स्थिति को
बदला जा सकता है।


